मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

मैने मुड़के वापस नही आना



शक के बादलों 

पर्वतो में

 मत बदल जाना, 


समर्पण के महल मेरे

आंसूओं में 

मत पिघल जाना । 


अपने आबिद को सम्भाल-

मेरे माबूद, 

मैने मुड़ के वापस नही आना ।।

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

वफा़ कुछ और होती है



           वफा़ कुछ और होती है 

मोहब्बत करने वालो की, अदा कुछ और होती है,।
वफ़ा इसको नही कहते, वफ़ा कुछ और होती है ।।

तुम्हे देखा तुम्हे चाहा, तुम्ही से प्यार कर बैठे ।
सुनो पत्थर के दिलवालों, मोहब्बत ऐसी होती है ।।


तड़प उठती थी ये दुनिया, कि जब रोता था दिल मेरा ।
निकलती आह जो दिल से, सदा कुछ और होती है।

हजारों गम का मारा हूँ, मगर तुमको न भूलूँगा,
कि दीवानों के होंठों पर, दुआ कुछ और होती है।

मोहब्बत करने वालो की अदा कुछ और होती है,
वफ़ा इसको नही कहते,वफ़ा कुछ और होती है ।।

                  NP Nagendra Tiwari...✍️


गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

वफा़


               वफा़


खुद को भूला, खुदा को भी भूला,

इंतहा के लिए और क्या चाहिए ? 


न छुएगें लबों को, कभी भी किसी के,

वफा़ के लिए और क्या चाहिए ? 


कदमों मे तेरे..... और अधिक

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

बे-हिसाब इश्क़

        बे-हिसाब इश्क़ 


दो शबाबों का मिश्रण, शराब हो गया।

तेरी खुशबू से मैं भी, गुलाब  हो  गया।।


इश्क़  तो पहले भी था , हसीन था 

अब बे-हिसाब, अब ला-जवाब हो गया ।। 

                     अवध कुमार.....✍️