बे-हिसाब इश्क़
दो शबाबों का मिश्रण, शराब हो गया।
तेरी खुशबू से मैं भी, गुलाब हो गया।।
इश्क़ तो पहले भी था , हसीन था
अब बे-हिसाब, अब ला-जवाब हो गया ।।
अवध कुमार.....✍️
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